Posts

2 अप्रेल का दिन बहूत खास था सभी दलित भाइयों के लिए जिन्होनें इक गजब की एकता का नमुना पेश किया ।विशेष तौर से यह दिन इसिलिए खास हो जाता है क्योंकि इस एकता को देखकर बाकि  सभी दलित समुदायों मे अजीब सी लहर दौड़ गई। ऐसा लग रहा था जैसे बर्षो से दबी पड़ी ज्वाला प्रस्फुटित होने को आतुर हो रही हो।             बिना कोइ प्रतिनिधित्व के इतना अच्छा परिणाम अर्थात् बड़ी संख्या मे लोगों की मौजुदगी़ ने यह दिखा ही            दिखा ही दिया कि  हम अब और सहन नही करेंगें और जो आग बरषों से दबी पड़ी थी वह उन लोगों के              लिए जिन्होनें हमें पैरों की धूल समझा या अभी भी समझते है ,उनहे बेहतर जबाब देंगें।यह एतिहासिक दिन          उन्ही लोगों के लिए चेतावनी होगी ।